Monday, 17 September 2012

Murder of Democracy

भारतीय लोकतंत्र संसार का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और छात्र राजनीति लोकतंत्र की सबसे प्रारंभिक सीढ़ी। मेरा मानना है की अगर भारतीय लोकतंत्र एक जीवमान व्यक्तित्व होता, तो मुझे लगता है की एनएसयूआई और कांग्रेस को कल उनके द्वारा की गई लोकतंत्र की हत्या पर फांसी की सज़ा होती। विगत कई वर्षों की भांति इस वर्ष भी डूसू चुनावों में एबीवीपी का परचम लहराने कई पूरी सम्भावना देखकर देश की सत्ताधारी पार्टी और उसका छात्र संगठन इन हरकतों पर उतर आएगा, इसकी शायद हमें कल्पना भी नहीं थी।

यह चुनाव बड़ी ह
ी भयानक परिस्थितियों में हो रहे थे। एक ऐसा समय जब पूरे देश में कांग्रेस के द्वारा मचाई गई लूट के कारण एक निराशा और गुस्से का भाव था और इस देश का युवा भ्रष्टाचार-मुक्त भारत भारत के लिए संकल्पित दिख रहा था, कांग्रेस को शायद अपने पैरों तले से ज़मीन खिसकती साफ़ दिख रही थी। यही कारण, मैं मानता हूँ कांग्रेस को इतने नीचे ले गया कि उसने इन चुनावों को येन-केन प्रकारेण जीतने क़ी ठान ली। 10 दिन चले चुनाव प्रचार और बाद में कॉलेज पैनलों के नतीजों से यह शीशे की तरह साफ़ था की इस बार के डूसू चुनावों में एनएसयूआई का सूपड़ा साफ़ होने वाला है। जिस भी कॉलेज में विद्यार्थी परिषद् के कार्यकर्ता प्रचार हेतु गए, वहीँ पर छात्रों का अभूतपूर्व समर्थन साफ़ दिख रहा था जो स्वतः ही परिणामों की पूर्वसूचना दे रहा था।

आखिरकार, मतगणना का दिन आया। मैं भी पैनल के साथ मतगणना केंद्र के भीतर था। डूसू के इतिहास में पहली बार मतगणना केंद्र के स्थान में परिवर्तन देखकर हमारा चौंकना स्वाभाविक था परन्तु इसे सामान्य प्रक्रिया मानकर हम बैठे रहे। जब मतगणना शुरू होने को थी और हम अन्दर पहुंचे तो मशीनों की खुली हुई सील देख कर हमारे अध्यक्ष पद के प्रत्याशी अंकित धनञ्जय ने सवाल उठाया की क्यों उनके आने से पूर्व ही सील खोल दी गयी, जबकि यह प्रक्रिया के विपरीत बात थी। वहां बैठे अधिकारी समझाने लगे की हम पर विश्वास कीजिये, ये अभी-अभी खोली गयी हैं। आश्चर्यजनक रूप से प्रत्याशियों और मशीनों के बीच में काफी दूरी थी जिस कारण हम लोग गिनती देखने में असमर्थ थे, हमारे पूछने पर स्थानाभाव की बात कह कर इस को भी टाल दिया गया। इसके बाद अगले 3 घंटों में जब भी हमारे किसी प्रत्याशी ने गिनती जानने की कोशिश की तो यही कहा गया के आप लोग जीत रहे हैं और अंतिम बार लगभग 12 बजे अंकित धनञ्जय तथा विशु बसोया को क्रमशः 4000 और 2400 वोटों से आगे बताया गया।

मतगणना केंद्र के भीतर फोन प्रयोग की अनुमति नहीं थी पर हमारे बार-बार कहने के बावजूद मुख्य चुनाव अधिकारी एस सी दुबे लगातार फोन पर न जाने किन-किन से बात कर रहे थे। लगभग सवा 12 बजे हम लोगो को ज़बरदस्ती खाना खाने के लिए बाहर भेज दिया गया। हमारे प्रत्याशियों के बहुत कहने के बाद भी यह आश्वासन देकर की सारे प्रत्याशी जा रहे हैं, हमें मतगणना स्थल से बाहर भेज दिया गया और फिर आश्चर्यजनक रूप से केवल आधे घंटे के भीतर अध्यक्ष पद पर एनएसयूआई के अरुण को 5600 वोटो से विजयी घोषित कर दिया गया तथा विशु की सीट पर परिणाम बराबरी का बताया गया। हमारे लिए यह आवाक करने वाली स्थिति थी ... जब हम बाहर निकले थे, तो केवल ४ मशीनों में से परिणाम आने बाकि थे और हमें कहा गया था की आप लोग निर्णायक बढ़त बना चुके हो, अब कोई उलटफेर संभव नहीं। और न जाने उन ४ मशीनों से ऐसा क्या निकला की 


http://www.ibtl.in/news/opinion/2020/murder-of-democracy-by-congress-in-dusu-elections4000 का अंतर भी पट गया और हम पर 5600 की लीड भी हो गयी ??

Friday, 14 September 2012

FDI OR BLACK MONEY

UPA is all set to help President Obama win US elections....


जितना WALLMART को फायदा उतना भारत को नुकसान | 2012 - WALLMART भारत में १० करोड की फ्रेक्ट्री लगाती है, 
NEWS - भारत को १० करोड की FDI हुई | 2015 - WALLMART को 30 करोड को फायदा हुआ ! 
2020 - WALLMART को 140 करोड को फायदा हुआ ! 
2015 - ..... 
विदेशी खून से कब तक भारत को चलाओगे ? 
UPA is all set to help President Obama win US elections. FDI in retail likely to be notified today. What happens to India, who cares?


विद्वान् पाठकों को FDI के बारे में अवश्य ही पता होगा फिर भी सामान्य पाठकों की जानकारी के लिए सरल शब्दों में मेने दिव्या श्रीवास्तव से ली है, अवश्य पड़े और जाने की क्या है सच्चाई --

FDI अर्थात किसी देश का अन्य देश में निवेश करना। यह निवेश किसी भी क्षेत्र में हो सकता है , लेकिन आजकल जो मुद्दा सबसे बड़ा खतरा बना हुआ है , वह है FDI- Retail का। उदाहरण के लिए 'वालमार्ट' ।विदेशी कंपनी ५१ प्रतिशत की भागीदारी के साथ हमारे देश में 'वालमार्ट' आदि के द्वारा निवेश करना चाहती है, जिसकी अनुमति श्री सिंह ने दी है।

- > क्यों करना चाहती है निवेश ? विदेशी कंपनी को क्या लाभ होगा ?

#जाहिर सी बात है , पैसा कमाने के लिए।
#निस्वार्थ तो करेगी नहीं दान देने की प्रथा केवल भारत में है , विदेशों में नहीं।
#भारत का हित तो चाहेंगे नहीं, अपना हित देखकर ही निवेश कर रहे हैं।
#इससे इन्हें एक बड़ी मार्केट मिलेगी , इनका नाम , प्रचार और टर्न -ओवर बढ़ जाएगा।
#मालामाल पहले से थीं , अब और हो जायेंगी।
#सीधा लाभ निवेश करने वाले देश को होगा। उसकी आर्थिक स्थिति और सुदृढ़ होगी।

- > FDI -Retail से भारत को क्या लाभ होगा ?
#एक अच्छी और निरंतर सप्लाई मिलेगी खाद्य और अन्य वस्तुओं की --#लेकिन यह आपूर्ति हम अपने स्वदेशी संसाधनों द्वारा बखूबी कर सकते हैं।
#अपने गोदामों में सड़ते अनाज का इस्तेमाल करके भी कर सकते हैं।
#एक लाभ है क्वालिटी और variety मिलेगी (क्या अपने देश में क्वालिटी नहीं है ? यदि नहीं है तो उस दिशा में प्रयास किये जाएँ)
#देश को एक अच्छा इन्फ्रा-स्ट्रक्चर मिलेगा-( क्या इस उपलब्धि के लिए #विदेशियों को घुसपैठ करने दी जाए ? यह काम करने में तो हमारा देश स्वयं ही सक्षम है । कब तक दया पर जीवित रहेंगे परजीवियों की तरह ?)

- > इस निवेश से संभावित नुक्सान--
# छोटे तथा घरेलू उद्योग समाप्त हो जायेंगे।
जैसे अमेरिका जैसे बड़े देशो में हुआ ....
# छोटे व्यापारी उजड़ जायेंगे।
# किसान बर्बाद हो जायेंगे। वे अपनी ही जमीं पर नौकर बन जायेंगे
# गरीबों की आजीविका छीन जायेगी।
# वालमार्ट अपना पाँव पसारेगा तो धीरे धीरे हमारी ज़मीनें भी महंगे
दामों में खरीद कर अपनी जडें मजबूत करेगा और रियल स्टेट के दाम बढेंगे।
# पूर्व में गुलामी भी इसी तरह विदेशी कंपनियों की घुसपैठ से ही मिली थी।
हज़ारों लोग बेरोजगार हो जायेंगे।
# दूसरा कोई विकल्प न होने के कारण ये आत्महत्या करने पर मजबूर हो जायेंगे।
# अपने देशवासियों के साथ घात करके विदेश को संपन्न करना कहाँ की अकलमंदी है?

इस तरह से तो हमारा देश तरक्की नहीं करेगा बल्कि हम अपने देश की गरीब जनता, छोटे मोटे व्यापारी , उधोगपति, किसानों आदि के पेट पर लात मारेंगे।
श्री सिंह तो देशवासियों के दर्द को समझ नहीं रहे , लेकिन हम और आप इस निवेश के खिलाफ एकजुट होकर इसका बहिष्कार कर सकते हैं। हमने स्वदेशी के इस्तेमाल द्वारा आजादी पायी थी और विदेशी सामानों का बहिष्कार किया था। आज एक बार फिर उसी जागरूकता की ज़रुरत है वरना देश पुनः इन विदेशियों के चंगुल में चला जाएगा।

बेरोजगारी से पीड़ित हो हज़ारों लोग भूखे मरेंगे , रोयेंगे और कलपेंगे, आत्महत्या करेंगे,
वहीँ हमारी आने वाली पीढियां हो सकता है गुलाम भारत में ही जन्म लें। अतः सचेत रहने की अति-आवश्यकता है।
ये विदेशी कम्पनियाँ हम पर राज करेंगी और हमें कई दशक पीछे धकेल देंगीं 

Thursday, 13 September 2012

FDI is the key to Black Money


FDI mode for converting black money to white money........


 खुदरा क्षेत्र और इन सभी (बीमा) और पेंशन क्षेत्रों में एफडीआई के पक्ष में नहीं हैं। हम विमानन क्षेत्र में भी एफडीआई के पक्ष में नहीं हैं। हम हमेशा से आम लोगों के पक्ष में रहे हैं।

दुनिया के अन्य देश भी कह रहे हैं कि अगर वे खुदरा बाजार में एफडीआई की अनुमति देते हैं तो छोटे दुकानदार मर जाएंग़े़, इसलिए हम इसके पक्ष में नहीं हैं।

if RBI has no data of Wal-mart's FDI of Rs 455-cr into Bharti group via Mauritious, does it not indicate blackmoney.FDI (foreign direct investment) as a mode for converting black money to white money

FDI is the key to black money…A lot of black has come to the country in the form of FDI…In case the names of those brining it are known, almost 80 to 90 per cent sources of black money would be known”, Baba Ramdev told news persons here.

“In the form of FDI, black money has come back into the country as white money and the government should frame a transparent and effective policy to check this”, Baba Ramdev said. The yoga guru alleged that till now, the government has only “befooled” the people on the issue of black money.

Wednesday, 12 September 2012

Coal Scam


Coal scam: Oppn asks PM to resign, Houses adjourned...


Both houses of the Parliament today witnessed uproar as the Opposition demanded Prime Minister resignation over CAG's coal blocks report. Both Lok Sabha and Rajya Sabha were adjourned till noon. The BJP had planned to embarrass the Centre over the CAG's damaging report on the allocation of coalfields in the Parliament. "We have demanded the resignation of the PM and will repeat our demand. It is unlikely that Parliament will function smoothly," a BJP leader told HT. "They left no stone unturned to target us when George Fernandes was defense minister during NDA days. Why should we let them go scot free now when the country's top auditor has yet again found them guilty of a scam that led to a loss of Rs. 1,86,000 crore to the public exchequer." The party is particularly enthused about the idea that this report embarrasses the Prime Minister directly, as he was also the coal minister for much of the period. Due to this, the party focused solely on this scam on Friday though three CAG reports had come out. "Politically, it suits us to step up the pressure in this matter. One blow after another as scams tumble out regularly will further deepen the impression in the public mind that the Congress is the root of corruption. When Congress leaders attack the CAG, they further dent their own credibility in the public mind," said another BJP leader. He recalled how then defense minister KC Pant used to defend the government after the Bofors scam, further "alienating" people. (courtesy: http://www.hindustantimes.com/India-news/NewDelhi/Coal-scam-Oppn-asks-PM-to-resign-Houses-adjourned/Article1-916913.aspx Edited version of the news. This News has been collected from different Newsletters only with the aim of providing information.)