26/11 हमले के दोषी अजमल आमिर कसाब को बुधवार की सुबह 7.30 बजे फांसी दे दी गई.
मंगलवार को ही राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कसाब की दया याचिका को खारिज किया था और इसके बाद ही कसाब को पुणे के यरवदा जेल में शिफ्ट कर दिया गया था.
दरअसल फांसी देने का काम यरवदा जेल में किया जाता है और कसाब की माफी खारिज किए जाने के बाद यरवदा जेल में शिफ्ट किया गया था. 2009 से कसाब मुंबई के आर्थर जेल रोड में बंद था.
सरकार ने इस मामले में पूरी गोपनीयता बरती और आर्थर रोड जेल से निकाल कर यरवदा जेल ले जाया गया और तय समय के मुताबिक उसे सुबह 7.30 बजे फांसी दे दी गई.
गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने हमारे संवाददाता को जानकारी दी कि मंगलवार शाम 5 बजे कसाब की दया याचिका खारिज होने का बाद यह फैसला लिया गया कि तय समय के मुताबिक उसे फांसी दी जाएगी.
सुप्रीम कोर्ट द्वारा 29 अगस्त को कसाब की मौत की सजा की पुष्टि किए जाने के बाद उसके द्वारा राष्ट्रपति के यहां दायर की गई दया याचिका खारिज कर दी गई.
गौरतलब है कि मुम्बई की स्थानीय अदालत ने 6 मई 2010 को कसाब को मौत की सजा सुनाई थी जिसे बम्बई हाई कोर्ट ने भी बरकरार रखा था.
सुप्रीम कोर्ट ने भी 29 अगस्त को कसाब की याचिका खारिज करते हुए वर्ष 2008 के मुम्बई हमले के लिए उसकी मौत की सजा बरकरार रखी थी.

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